डुमना नेचर पार्क में जंगल सफारी का प्रस्ताव

दिंनाक: 24 Dec 2016 14:47:27


पिछले दिनों दिल्ली में केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री अनिल माधव दवे से मुलाकात की। मेरे द्वारा अधिकारियों की उपस्थिति में केन्द्रीय मंत्री श्री दवे से जबलपुर के पर्यटन विकास की संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए आग्रह किया कि डुमना नेचर पार्क में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं अतः इसे जंगल सफारी के रूप में विकसित किया जाना चाहिये। डुमना नेचर में 1058 हेक्टेयर का वन क्षेत्र है जिसमें वाइल्ड लाइफ एवं प्राकृतिक वाटर बॉडी भी है तथा सभी प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है। मेरे द्वारा लगभग 10 वर्ष पूर्व डुमना के वन क्षेत्र को विकसित करने तथा पर्यटन केन्द्र बनाने उन्होने पहल प्रारंभ की थी और मध्यप्रदेश शासन से 2 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत कराई थी उसी के परिणाम स्वरूप डुमना नेचर रिजर्व बनकर तैयार हुआ था साथ ही प्रारंभ से ही इसे भविष्य की योजनाओं में उड़ीसा के नंदन कानन वन की तर्ज पर सफारी या जू के रूप में विकसित करने की मांग की थी लेकिन केन्द्र की यूपीए सरकार के असहयोगात्मक रवैये के कारण यह विषय आगे नहीं बढ़ सका था लेकिन जैसे ही केन्द्र में श्री मोदी जी के नेतृत्व में एनडीए सरकार के आने के बाद यह विश्वास जागा कि वन एवं भविष्य के स्वप्न में वन एवं पर्यावरण मंत्रालय का सहयोग मिल सकेगा और इसी विश्वास के साथ पिछले लंबे अरसे से जबलपुर में लगातार एक वातावरण का निर्माण किया जा रहा था कि यदि डुमना नेचर पार्क सफारी के रूप में विकसित होता है तो देश में अपनी तरह का अलग आकर्षण का केन्द्र होगा। इस हेतु मैंने केन्द्रीय मंत्री श्री दवे से चर्चा प्रारंभ की थी और इस चर्चा के परिणाम स्वरूप श्री दवे ने आश्वस्त किया था कि मंत्रालय के सर्वोच्च अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। इसके अन्य तैयारियों के संबंध में मैंने भोपाल में पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ श्री जितेन्द्र अग्रवाल से चर्चा कर इस विषय से संबंधित योजना पर विचार विमर्श किया था।मेरे द्वारा केन्द्रीय वन मंत्री श्री दवे से अधिकारियों की उपस्थिति में बताया कि डुमना का यह क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण हैं एवं इसमें पर्यटन को लेकर असीम संभावनाएं हैं और यदि इसे जगल सफारी या जू के रूप में विकसित किया जाए जिसमें वन्य जीव तो खुले में विचरण कर सके और साथ ही पर्यटक भी सुरक्षित वाहन अथवा केग में वन जीवों को देखने जा सके। जिससे वन्य जीव और मानव दोनों को किसी भी तरह का नुकसान न हो। केन्द्रीय मंत्री श्री दवे ने इस विषय पर गहरी रूचि लेते हुए अधिकारियो को इस बात के लिये निर्देशित करते हुए कहा कि जबलपुर में इसके बनने से पर्यटकों की संख्या में काफी वृद्धि होगी और यह जबलपुर के विकास मेे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसी के साथ जंगल सफारी या जू में केन्द्रीय जू अथॉरिटी की अत्यंत कठिन गाइड लाइन पर विचार विमर्श करते हुए इसे सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने पर भी विस्तार से चर्चा हुई । मेरे आग्रह एवं केन्द्रीय मंत्री श्री दवे के निर्देश पर यह निर्णय हुआ कि शीघ्र ही इस हेतु प्रारंभिक रूप से इसके आकलन के लिये एक टीम जबलपुर भेजी जाएगी। जो इस कार्य की व्यावहारिकता का अध्ययन कर इसकी डीपीआर तैयार करने के साथ विषय को आगे बढ़ाएगी। मैंने श्री दवे से आग्रह किया कि इस कार्य के लिये एक कन्सल्टेंट नियुक्त किया जाए जो तय समय सीमा में इस दिशा में प्रोजक्ट बनाने में सार्थक भूमिका अदा कर सके। जबलपुर प्राकृतिक रूप से टूरिस्ट हब है और लगातार प्रयासों के परिणाम स्वरूप यहाँ पर्यटन की गतिविधियों में भी तेजी आई है यदि डुमना में जंगल सफारी का निर्माण होता है तो जबलपुर देश के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा। इस बात की पूरी संभावना है कि डुमना नेचर पार्क के रूप में विकसित करने की परियोजना के प्रारंभिक निरीक्षण हेतु शीघ्र ही टीम जबलपुर आएगी। जबलपुर के विकास की दिशा में यह जंगल सफारी एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी और जबलपुर के पर्यटन विकास को गति देने के साथ साथ आर्थिक विकास को भी गति प्रदान करेगी।